जहां कभी आपको बहुत अच्छे सपने दिखते हैं, वहीं कई बार आप डर और घबराहट से उठते हैं.
डरावना सपना देखना कोई बीमारी नहीं है, लेकिन जब यह बार-बार हो, दिनभर काम करने की क्षमता कम करे, दिमाग में उसकी यादें बनी रहें या व्यक्ति सोने से ही डरने लगे, तब इसे नाइटमेयर डिसऑर्डर माना जाता है. ऐसे लोगों में अक्सर थकान, चिड़चिड़ापन, ध्यान की कमी, याददाश्त में कमी और बुरे सपनों का लगातार डर देखने को मिलता है. बच्चों में यह समस्या होने पर माता-पिता की नींद भी प्रभावित होती है.
ये सपने आते तो हैं लेकिन क्या आपने सोचा है कि इन बुरे सपनों का मतलब क्या होता है.
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कभी कभार सपने आना सामान्य है, पर यदि रोजाना आपको बुरे सपने आते हैं तो इसे नज़रअंदाज नहीं करना चाहिए। चित्र : अडॉबीस्टॉक
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रोजाना आपको एक ही here समय पर सोएं, इससे आपको बुरे सपने परेशान नहीं करेंगे
प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक सिगमंड फ्रायड का सपने क्यों आते हैं इसे लेकर ऐसा मानना था कि सपने हमारे अवचेतन मन की एक खिड़की की तरह होते हैं और ये हमे उस व्यक्ति के बारे में बताते हैं, जैसे:
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अगर आप सोने से ठीक पहले तक खाते रहते हैं तो बुरे सपने आने की आशंका बढ़ जाती है
पैरासोम्निया होने पर भी आपको नाइटमेयर आने की परेशानी हो सकती है
सपनो का आपकी नींद पर नकारात्मक असर पड़ता है, यही नहीं यह आपके मानसिक तनाव को भी बढ़ा सकता है। चित्र : अडॉबीस्टॉक
दरअसल, साइंस भी अभी तक इस राज को नहीं सुलझा सकी है कि ऐसा होता क्यों है?
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